डॉ. आकृति विज्ञा 'अर्पण'


आकृति विज्ञा 'अर्पण एक लेखिका, मंच संचालिका (हिंदी, अंग्रेजी, भोजपुरी) हैं। भारत के समस्त राज्यों में संचालन कर चुकीं आकृति दैनिक जागरण की ब्रांड ऐंकर भी हैं। पत्रकारिता और अन्य विधाओं में स्वयं के नवाचारों के साथ आकृति की सुखद और गौरवपूर्ण यात्रा रही है। बहुत कम उम्र में कार्यकुशलता को देखते हुये विद्या वाचस्पति पर्याय डाक्टरेट मानद से आकृति को अलंकृत किया जा चुका है। नेचुरल थेरेपिटिक्स में भी अच्छी समझ को देखते हुयें चिकित्सा पर्याय एनडीवाइडी अवार्ड किया गया है।

 मंच संचालिका, लेखिका, ब्रांड ऐंकर, प्रोग्राम डिजाइनर
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आकृति विज्ञा 'अर्पण' एक लेखिका, मंच संचालिका (हिंदी, अंग्रेजी, भोजपुरी) हैं। भारत के समस्त राज्यों में संचालन कर चुकीं आकृति दैनिक जागरण की ब्रांड ऐंकर भी हैं। पत्रकारिता और अन्य विधाओं में स्वयं के नवाचारों के साथ आकृति की सुखद और गौरवपूर्ण यात्रा रही है। बहुत कम उम्र में कार्यकुशलता को देखते हुये विद्या वाचस्पति पर्याय डाक्टरेट मानद से आकृति को अलंकृत किया जा चुका है। नेचुरल थेरेपिटिक्स में भी अच्छी समझ को देखते हुयें चिकित्सा पर्याय एनडीवाइडी अवार्ड किया गया है। वनस्पति शास्त्र में शोधार्थी के रूप में एक साइंस इन्नोवेटर, प्रोग्राम डिजाइनर के तौर पर भी आकृति अनुभवी हैं।तमाम संस्थाओं में आप एजुकेशन ट्रेनर भी रहीं तमाम बड़े मंचों पर काव्यपाठ व मंचसंचालन (कवि सम्मेलन व मुशायरे भी) का अनुभव आकृति को अलग बनाता है।

सोशल एक्टिविस्ट के रूप में भी आकृति गोरखपुर का एक चर्चित चेहरा है। तमाम विषयों जैसे विज्ञान, साहित्य, दर्शन, आधुनिक, भोजपुरी लोकसाहित्य आदि में आकृति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्याख्यान भी दिये हैं।

हिंदी, भोजपुरी और अंग्रेजी तीनों भाषाओं की अच्छी समझ और पकड़ के कारण आपको अपनेपन की मिठास जो यहां मिलेगी वह शायद ही कहीं और मिले। देश भर के तमाम फैशन शोज, साहित्य महोत्सव, विज्ञान महोत्सव, लोक महोत्सव आदि में आकृति ने लगातार संचालन करती रही हैं। इनके लेख व इनकी कवितायें लगातार स्तरीय पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं। यदि आप अपने कार्यक्रम को समृद्ध बनाना चाहते हैं तो आकृति को याद करें।

Dr Akriti Vigya is a dynamic personality . She is multitasking freelancer ,while working as a research scholar of Botany, she has contributed in social , literature, Science, academia and many other fields. Adopting villages she covered the roots of slum areas and as a teacher she has own models of teaching similarly her anchoring is her own canvas and writting is as well. Her poetry speaks for change where her sound heals the society. Her talks create the changes.

She sings folk ,she writes truth and she feels infinity.
You can't bind her in single frame but when you start to understand then sky is limit.
The endless journey will make you crazy and the girl is magic.
You will come to know the point,you will start the lines.
The magic girl names 'Nirali ' , 'Basanti' and 'Titli' and a lot names by fans is khalis mohabbat actually.
Do not forget to observe the reality and simplicity on the peak and fragrance of personality in roots.
Concluding the words it's not more and much but you are in perfect zone.

लोकगीत-सी लड़की

गीतों के भीतर गद्य की लतायें उसे झुरमुट लगती थीं, लेकिन जब इस झुरमुट में बरगद ने अपना स्थान सुनिश्चित किया तो भावों की देंह का विस्तार ही नियति का स्वस्तिगान बन ब्रह्मांड में गूंजने लगा। अब वह इस संसार को 'लोकगीत-सी लड़की' के नाम से रोज चिट्ठियां लिख रही है। जब नदी के किनारे उन काग़ज़ पर छपे अक्षरों को पारस करती 'लोकगीत सी लड़की', खिलखिलाकर हँसती है तो उसके केश पर सजे कचनार पर टपोरी-सी तितली आकर मौन बैठ जाती है। आँखें बोलती हैं, लहरें सुनती हैं। काग़ज़ की चिट्ठियां नाव की शक्ल में नदी के उस पार जा रही हैं। आकृति विज्ञा 'अर्पण' अथाह संवेदनाओं की प्रतिबिम्ब है। उनकी प्रथम पुस्तक 'लोकगीत-सी लड़की' आपके समक्ष है ।
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